इस राजा ने पत्नी की इस हाल में कराई थी परेड

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हमारे इतिहास में अनेको राजा-रानियों की कहानियां हमें रोमांचित कर देती है । वैसे ही कुछ ऐसे भी शासक रहे है इतिहास में जिनके फैसलों ने लोगो को सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या शासन की बाग़ डोर ऐसे निरकुंश इंसान के हाथ में होनी चाहिए या नहीं । ऐसे कई क्रूर राजाओं ने राज किया जैसे हिटलर । परन्तु इसी श्रेणी में एक नाम और भी शामिल है और वो नाम है  गायस जूलियस सीजर जर्मेनिकस, यानि कालिगुला। आज उसी कालिगुला का जन्मदिन है। ये रोम का तीसरा सम्राट था।  कालिगुला के अजीबो गरीब हुक्म …

  1. उसका बेहद मजबूत शरीर था आंखे अंदर की और धंसी हुई थी जिसके चलते लोग हंसी-मजाक में उसकी तुलना बकरी से करते थे। इस वजह से वह अपने सामने बकरी का जिक्र नहीं सुन सकता था। जो कोई उसके सामने बकरी का नाम लेने की हिमाकत करता था वह उसे सीधा मौत की सजा का हुक्म सुना देता था।

2. कालिबुला अपने सहयोगियों और मंत्रियों के प्रति जरा भी नरम नहीं था। वह उन्हें जब तब परेशान करता रहता था। कभी अपनी पालकी के साथ उन्हें मीलों पैदल चलवाता तो कई बार उन पर झूठा आरोप तक लगवा देता था। यहां तक कि इन्हीं झूठे आरोपों के चलते उन्हें मौत की सजा भी सुना दी जाती थी। उसने अपने उस सहयोगी को भी नहीं बख्शा जिसकी मदद से वह राजा बना था। उसने मार्को नाम के इस सहयोगी पर अपनी पत्नी को अपने पास सेक्स के लिए भेजने का आरोप लगाया था।

3. कालिगुला ने चार शादियां की थी। उसकी पहली पत्नी की मौत हो गई थी। उसने अपनी दूसरी पत्नी को उसकी शादी के दिन ही अगवा कर लिया था। उसकी तीसरी पत्नी एक दूसरे मर्द से पहले ही शादीशुदा थी। उसकी चौथी पत्नी मिलोनिया ने उसे कुछ हद तक काबू किया। वह बहुत सुंदर और बुद्धिमान थी लेकिन कालिगुला ने अपने दोस्तों के सामने मिलोनिया की नग्न परेड करा दी थी।

4.  सिर्फ इतना ही नहीं कालिबुला अपने साम्राज्य में किसी मजबूत बाल वाले को देखना पसंद नहीं करता था। ऐसा कोई उसे नजर आता था तो वो तुरंत उस शख्स को पकड़कर बाल छिलवाने (शेव) करवाने का हुक्म दे देता था।

5. कालिगुला को घोड़ों से विशेष प्रेम था खासकर वह अपने इनसिटैटस को बहुत मानता था। उसके साथ कालिबुला इस कदर लगाव हो गया कि उसने अपने घोड़े को घर बनवाकर दे दिया। काफी लोगों का यह भी कहना है कि उसने अपने घोड़े को अपने राज्य का बड़ा मंत्री बना दिया था।

इस सनकी राजा को कुछ लोग बेवकूफ मानते थे तो कुछ बहुत अच्छा मानते थे।

 




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