एक मछली ने दो मछवारे भाइयों को, 20 मिनट में बनाया लखपति

ghol-fish-01_080718113622

क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे की सिर्फ एक मछली किसी मछुआरे की किस्मत खोल सकती है या उसे केवल 20 मिनट में लखपति बना सकती है। शायद आपका जवाब होगा ना लेकिन मुंबई के तट पर यह चौंकाने वाली घटना घटी है। यहां पालघर के दो मछुआरे भाईयों के जाल में घोल मछली फंस गई। इसे बेचने पर उन्हें 5.5 लाख रुपए मिले। इस मछली का वजन 30 किलो था और इसे महेश मेहर और उनके भाई भारत ने पकड़ा था। उनके पास एक छोटी सी नाव है।

शुक्रवार को मछुआरा महेश मेहर और उनके भाई भरत समुद्र में अपनी छोटी सी नाव से मछली पकड़ने गए थे। जब वे मुर्बे तट पर पहुंचे तो उनका जाल भारी हो गया। वे समझ गए कि जाल में मछली फंस गई है। उन्होंने देखा तो यह घोल फिश थी। महेश और उनके भाई द्वारा पकड़ी गई घोल फिश की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। सोमवार को जब तक वे समुद्र के किनारे पहुंचते किनारे पर व्यापारियों की लंबी लाइन लगी थी। दोनों के आते ही घोल मछली की बोली शुरू हुई। बीस मिनट में यह बोली खत्म हो गई और इसे 5.5 लाख रुपये में एक व्यापारी ने खरीद लिया।

यह मछली स्वादिस्ट तो होती ही है| साथ ही पूर्वी एशिया में अपने अंदरुनी अंगों से बनने वाले औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। इस मछली को सोने का दिल वाली कहा जाता है। रविवार को जो मछली पकड़ी गई वह आमतौर पर सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया, हॉन्ग कॉन्ग और जापान को निर्यात की जाती है। इस मछली के एक किलो की कीमत भी 800 से 1000 के बीच होती है। मई में भायंदर के एक मछुआरे विलियम गबरू ने यूटान से एक मंहगी घोल पकड़ी थी। वह मछली 5.16 लाख रुपये में बिकी थी।

घोल मछली की स्किन को उच्च क्वालिटी कोलेजन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इससे फंक्शनल फूड और कॉस्मेटिक उत्पाद और दवाई भी बनाई जाती है। इसके पंखों का इस्तेमाल फार्मास्यूटिकल कंपनियां घुलने वाले टांके और वाइन शुद्धिकरण के लिए इस्तेमाल करती हैं। इसी वजह से घोल की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है।