खनन माफिया बेखौफ कर रहे अवैध मिट्टी का खनन

प्रशासन खनन माफियाओं के आगे साबित हुआ बौना 

रिपोर्ट :  श्यामजी गुप्ता , रीडर टाइम्स

शाहाबाद, हरदोई :  क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे मिट्टी खनन के पनाहगार बने प्रशासन को सड़कों के किनारे जे सी बी से हो रहा मिट्टी का अवैध खनन शायद दिखाई नही पड़ रहा है। दिन दहाड़े हो रहे मिट्टी के अवैध खनन पर राजस्व से लेकर पुलिस विभाग सबके सब मौन हैं।  शाहाबाद के जटपुरा  गांव के उत्तर ऐग्वां जाने वाली सड़क पर प्रसाशन की नाक के नीचे जेसीबी मशीन से दिन रात लगातार अवैध खनन हो रहा है |

हो रहे खनन की सूचना जब तहसीलदार अबधेश कुमार को दी गयी तो उनका सीधा और सरल जबाब आया कि उन्हें नही मालूम है।बतातें चलें कि एक माह पूर्व यहीं पर जेसीबी से हो रहे खनन पर खनन अधिकारियों ने मिट्टी माफिया को 4 ट्रैक्टर ट्राली पकड़कर चालान किया था।उसके बाद कुछ दिनों तक अवैध खनन बन्द रहा लेकिन एक हफ्ते से पुनः शुरू कर दिया गया।जो लगातार होने लगा।बुधवार को 12 बजे जटपुरा गांव के पास उसी स्थान पर जेसीबी द्वारा मिट्टी का अवैध खनन होता हुआ कैमरे में कैद हो गया।हांलाकि जेसीबी चालक कैमरे को देख आग बबूला हो गया और बोला अधिकारियों से बातकरने के बाद ही वह खनन कर रहा है।

विदित हो कि उक्त स्थान पर काफी समय से मिट्टी का अवैध खनन किया गया।खनन माफियाओं के इस खेल में राजस्व विभाग के अलावा पुलिस विभाग के अफसरान भी शामिल हैं।क्योंकि क्षेत्र में हो रहे खनन के खिलाफ कई बार कार्यवाही भी की गई।ट्रैक्टर ट्राली का चालान भी किया गया जिनपर लाखों जुर्माना भी किया।लेकिन अवैध मिट्टी खनन करने वालों में कुछ तो फितरत है कि उन्हें दुबारा खनन का मौका मिल जाता है और वह लगातार धरती का कलेजा निका लने में व्यस्त रहते हैं।वहीं प्रशासन द्वारा खनन के बारे मे कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।जिसके कारण मिट्टी माफियाओं के हौंसले बुलंद हैं और वह लगातार धरती का विनाश करने पर उतारू हैं।इस बाबत तहसीलदार अबधेश कुमार ने बताया कि कर्मचारी को भेजकर जांच करवाएंगे।

तयशुदा रकम प्रतिमाह देने के बाद ही होता है खनन 

शाहाबाद खनन

शाहाबाद तहसील और पुलिस प्रशासन का पनाहगार बने खनन माफिया दिन दहाड़े मिट्टी को अच्छी कीमतों पर बेच रहे हैं। ऐसा नहीं कि प्रशासन को सड़कों के किनारे हो रहा मिट्टी के अवैध खनन दिखाई नही पड़ रहा है | दिखाई पड़ने के बावजूद  मिट्टी के अवैध खनन पर राजस्व विभाग से लेकर पुलिस विभाग सबके सब मौन हैं जो किसी खास ओर इंगित कर रहा है |मिट्टी के अवैध खनन पर क्षेत्रीय लोंगो ने नाम न छापने की  शर्त पर बताया कि 40 हजार प्रतिमाह तहसील और पुलिस विभाग के अधिकारियों को देना पड़ता है। जिसमे 20 हजार पुलिस और 20 हजार तहसील विभाग लेकर ही खनन की इजाजत देता है।




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