चाइल्ड लाइन 1098 के हस्तक्षेप से सुनिश्चित हुआ एक बेटी का अधिकार

रिपोर्ट : धीरज कुमार , रीडर टाइम्स

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प्रतापगढ़ : प्रतापगढ़ के पट्टी तहसील क्षेत्र के पट्टी ग्रामीण कुंदनपुर की बिंदू पाल (बदला हुआ नाम) मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के कारण 06 जुलाई 2019 को रात्रि में रेडीगारापुर बाजार में पाई गई। जिसकी सूचना एक कालर ने चाइल्डलाइन 1098 को दिया गया। चाइल्ड लाइन तुरंत हरकत में आई परन्तु चाइल्ड लाइन टीम के पहुँचने के पूर्व ही बिंदू वहां से अन्यत्र चली गयी, जो बहुत खोजने के बाद भी नहीं मिली। उल्लेखनीय है कि केस के फालोअप के दौरान मालूम हुआ कि बिंदू की दो बहने है।

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दोनों की शादी हो चुकी है और वह अपने अपने ससुराल में रहती हैं जबकि बिंदु के माता-पिता दोनों का बचपन में ही देहांत हो जाने के बाद वह अपने परिवार में अकेले रह गयी । माता पिता दोनों का असमय स्वर्गवासी हो जाने का दर्द बिन्दू सहन नहीं कर पायी और वह मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गयी। जिसके कारण उसके चचेरे परिवार वाले उसके साथ बाल मैत्री का व्यवहार नहीं करते थे। जिससे उसकी मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। जैसे ही चाइल्डलाइन 1098 टीम को पता चला कि बिंदू पाल अपने परिवार में वापस आ गयी है तो चाइल्डलाइन प्रतापगढ़ की टीम मेंबर पट्टी पुलिस की मदद से आज बिंदू पाल के घर पहुंचे और बिन्दू के मामा, दोनों बड़े पिता और दोनों चचेरे भाई को बुला कर बाल अधिकार समझाया और पट्टी पुलिस एवं चाइल्डलाइन टीम की उपस्थिति में लिखित रूप से बच्ची के पालन पोषण की जिम्मेदारी इन लोगों को दिया गया।

पुलिस ने इन लोगों को हिदायत दिया कि बच्ची के सम्मान एवं संरक्षण में लापरवाही बरतने पर उपरोक्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। बाल अधिकार के इस पूरे प्रकरण में कोतवाली पट्टी के एस. आई. अनिल कुमार व ग्राम प्रधान कैलाशी देवी सहित चाइल्डलाइन 1098 के काउंसलर मो. शमीम, सदस्य हकीम अंसारी, कोटेदार जीतलाल , तरुण चेतना के अच्छेलाल बिंद व स्थानीय नागरिक रामलवट व सुरेश चंद्र का सराहनीय सहयोग रहा।




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