अटूट आस्था का प्रतीक है माँ तपेश्वरी

tapeshwari
कानपुर:माँ तपेश्वरी अपने भक्तो की सभी मनो कामनाओ  को पूरा करती है.बिरहाना रोड पर स्थित माता तपेश्वरी भक्तो की अटूट आस्था का प्रतीक है . कानपुर ही नहीं प्रदेश और देश के कोने कोने से भक्त अपनी मनोकामनाये लेकर माँ के दरबार में आते है माँ सबकी झोली भरती है
माँ तपेश्वरी का मंदिर पहले घने जंगलो के बीच पतित पावनि गंगा के किनारे स्थित था कहते है की लंका विजय के बाद प्रभु श्री राम ने जब सीता मैया का त्याग किया था तब सीता माँ गंगा के किनारे किनारे इस जंगल में पहुची थी यहाँ सीता माँ ने कठोर तप किया तब माँ तपेश्वरी का प्राकट्य हुआ और माँ की कृपा से ही सीता माँ के लव और कुश  का जन्म हुआ और सीता माँ ने तपेश्वरी माता के सामने ही अपने दोनों पुत्रो का मुंडन संस्कार करवाया था मां की महिमा अपरंपार है। मां का दर्शन पूजन करने से मां की कामना पूरी हो जाती है। निराश होकर नहीं गया। मां बड़ी ही कृपालु हैं। मंदिर में भक्तों के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।मंदिर के बारे में मान्यता है कि जो भी भक्त यहां अखंड ज्योति जलाते हैं भगवती उनकी मनोकामना पूरी करती हैं।