Category: अन्य

ग़ज़ल : प्यारी – प्यारी सी अदा हाथ में ख़ंजर देखा

इश्क़ की गलियों में वहशत भरा मंज़र देखा, प्यारी प्यारी सी अदा  हाथ ...

ग़ज़ल : ज़ेहन पे छाई हैं जो बदलियां हटा के चलो, ग़लत निज़ाम पे अब बिजलियाँ गिरा के चलो

ज़ेहन  पे  छाई  हैं  जो  बदलियां हटा  के चलो, ग़लत निज़ाम पे अब...

एक सच्ची नज़्म : उठ जाग मुसाफ़िर भोर भई

उठ जाग मुसाफ़िर भोर भई रातों की साँसें थमती थी, सुबह का अंधेरा हर...

एक अनुभूति : रावण नामा 

  रावण था विद्वान महापंडित प्रतापी, दसों दिशा धरती पर्वत थी उस...

RIZVI SIR

सारा जग है नयन पसारे धुंधला धुंधला है उजियारा

सारा जग है नयन पसारे धुंधला  धुंधला  है उजियारा, बांह से बांह का...

कल तलक जो ख़्वाब था अब वह हक़ीक़त बन गई

कल तलक जो ख़्वाब था अब वह  हक़ीक़त बन गई, जिस  से  था  ना आशना  वह शय ...

मकानों को हसीं घर जो बना देती वो औरत है

किश्वरी कनेक्ट और तलहा सोसाइटी के प्रोग्राम ( ज़ायक़ा और ज़बान ) के...

दिल में ख़्वाहिश है कि बस जाऊं मैं अफ़सानों में, मेरा भी ज़िक्र छिड़े बज़्म में, मयख़ानों में

ग़ज़ल दिल में ख़्वाहिश है कि बस जाऊं मैं अफ़सानों में, मेरा   भी ...

ग़ज़ल : हर मोड़ पे इक ज़ख्म नया खाएंगे हम लोग , इस दशते मुसीबत में जो रह जाएंगे हम लोग

हर मोड़ पे इक ज़ख्म नया खाएं गे हम लोग, इस दशते मुसीबत में जो रह जाएं...

ग़ज़ल : क़ल्बो ज़ेहन का हुस्न मोहब्बत का तक़ाज़ा, इंसानियत की शान मुरव्वत का तक़ाज़ा

क़ल्बो ज़ेहन का हुस्न मोहब्बत का तक़ाज़ा, इंसानियत  की  शान  मुरव्वत ...