भ्रष्टाचार के केस में दोषी नवाज़ सरीफ और मरियम को, लाहौर के रावलपिंडी भेजा गया

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पनामा पेपर्स से जुड़े भ्रष्टाचार के केस में दोषी पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम को लाहौर के अल्लामा इकबाल इंटरनैशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर शुक्रवार देर रात रावलपिंडी लाया गया। नवाज और मरियम को यहां स्थित सेंट्रल जेल में रखा गया है। पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी बेटी को पुलिस द्वारा यहां कड़ी सुरक्षा के बीच अलग-अलग बख्तरबंद गाड़ियों में लाया गया। जेल नियमों के अनुसार, दोनों का यहां जेल हॉस्पिटल में ही मेडिकल परीक्षण होगा। कोर्ट की ओर से सजा दिए जाने के दिन से ही नवाज लगातार ‘सहानुभूति कार्ड’ खेल रहे हैं |

 

 

नवाज शरीफ के वकील ख्वाजा हरीफ जवाबदेही कोर्ट के फैसले के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे जिस पर उच्च न्यायालय फैसला करेगा कि अपील स्वीकार्य है या नहीं, यदि अपील स्वीकार की जाती है तो नवाज जमानत के लिए अपील दायर करेंगे, अगर जमानत नहीं मिलती है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रखा जाएगा |

 

 

नवाज और मरियम शरीफ को यह अधिकार है कि वह राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो अध्यादेख की धारा 32 के तहत हाईकोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं, इस मामले में नवाज शरीफ और मरियम शरीफ को राहत मिल पाएगी? यह हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है | पाकिस्तान में आम तौर पर अगर भ्रष्टाचार मामलों के दोषी सरेंडर नहीं करते हैं तो उनसे अपील करने का अधिकार छिन जाता है, दोषियों को किसी भी तरह की सुरक्षा अथवा सहूलियत तभी मुहैया कराई जाती जब वे निर्धारित तरीके से आत्म समर्पण करते हैं |

 

 

जहां उच्च कोर्ट को यह जांच करनी होगी कि जवाबदेबी ब्यूरो के फैसले में कितना दम है, अगर फैसले में कोई खामी पाई जाती है तो इसके आधार पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट के सजा के फैसले को पलट सकता है |

 

 

मनी लॉन्ड्रिंग के केस में शरीफ को 10 साल और उनकी बेटी मरियम को 7 साल की सजा हुई है। पाक मीडिया की मानें तो पूरे मामले को ध्यान में रखते हुए पंजाब सूबे में इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है। नवाज शरीफ की मां बेगम शमीम अख्तर और उनके बेटे शहबाज शरीफ और सलमान को लाहौर एयरपोर्ट पर नवाज शरीफ से मिलने की इजाजत दी गई |

 

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नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम शरीफ दोनों को गत 6 जुलाई को लंदन में चार आलीशान फ्लैटों की मिल्कियत से जुड़े एवेनफील्ड संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था | शरीफ (68) और उनकी बेटी मरियम (44) को एक जवाबदेही अदालत ने क्रमश: दस और सात साल की कैद की सजा सुनायी है, शरीफ का परिवार जवाबदेही अदालत में भ्रष्टाचार के दो और मामलों अल अजीजिया स्टील मिल्स और फ्लैगशिप इंवेस्टमेंट्स का सामना कर रहा है, इसमें उन पर मनिलॉन्ड्रिंग, कर चोरी और विदेशों में सम्पत्ति छुपाने का आरोप है |

 

 

पाकिस्तान में किसी भी स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। लाहौर के लिए निकलने से पहले शरीफ ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘जो मेरे बस में है और जो मेरे बस में था, वह मैंने कर दिया है। मुझे मालूम है कि लाहौर पहुंचते ही मुझे जेलखाने भेज दिया जाएगा, लेकिन पाकिस्तानी कौम को मैं बताना चाहता हूं कि यह सब मैं आप के लिए कर रहा हूं। यह कुर्बानी मैं आपकी नस्ल के लिए दे रहा हूं। लिहाजा मेरा भरपूर साथ दें।

 

 

2016 में पनामा पेपर केस में नाम आने के बाद नवाज शरीफ को जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। जांच के बाद शरीफ और उनकी बेटी मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलाया गया था। पाकिस्तानी ट्राइब्यूनल कोर्ट ने पिछले शुक्रवार को शरीफ और उनकी बेटी मरियम को दोषी पाया और कैद की सजा सुनाई। दोनों को उनकी अनुपस्थिति में सजा सुनाई गई, दोनों उस दौरान लंदन में थे, वहीं शरीफ की पत्नी गंभीर तौर पर बीमार हैं।

 

 

पाकिस्तान में चुनाव जुलाई 25 से होने हैं। इस मामले का असर पाकिस्तान के चुनाव पर भी होगा। तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा। शरीफ के खिलाफ याचिका देने वालों में एक इमरान खान भी थे।