यूपी के एक गांव में 80 साल बाद घोड़ी चढ़ा दलित दूल्‍हा, 150 पुलिस वाले बने बाराती

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कासगंज जनपद के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के निजामपुर गांव में पहली बार किसी दलित की बारात निकली, जिसमें दूल्हा घोड़ी चढ़ कर पहुंचा हो| दलित दूल्हा संजय जाटव की बारात धूमधाम से बैंड बाजे के साथ पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दुल्हन के घर पहुंची|

दरअसल दुल्हन की ये ख्वाहिस थी कि उसका दूल्हा घोड़ी चढ़ कर उसके घर आये| अभी तक निजामपुर गांव में दलितों को घोड़ी चढ़ने की इजाजत नहीं थी| दूल्हे ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा देने का भरोसा दिया| रविवार को जब बारात पहुंचने वाली थी उस दौरान गांव में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था|

इस शादी को सकुशल संपन्न कराने में 10 पुलिस इंस्पेक्टर, 22 सब इन्सपेक्टर, 35 हेड कॉन्स्टबेल , 100 कॉन्सटेबल और पीएसी की एक प्लाटून भी लगी हुई थी| इस बारात में 30 गाड़ियां भी थीं, जिन्हें पुलिस की गाड़ियां एस्कॉर्ट कर रही थीं| चमकते नीले सूट में जाटव ने बताया, “हम 21वीं सदी में जी रहे हैं लेकिन कुछ लोग सोचते हैं कि दलितों का कोई सम्मान नहीं है| मैं ऐसा पहला शख्स हूं जो इस गांव से बारात ले जा रहा हूं| यह केवल बाबा साहब और उनके संविधान की वजह से ऐसा हो सका है|

अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि गांव में बारात शांति से चढ़ गईं है| दुल्हन की विदाई तक गांव निजामपुर में पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा और गांव में पुलिस फोर्स तैनात रहेगी| वहीं जनपद में बीते कई महीनों से सुर्खियों में रही दलित संजय जाटव और शीतल की शादी का मसला आखिरकार निपट ही गया और वो दिन भी आ गया जिस दिन विवादित दलित दूल्हा, दुल्हन की शादी संजय जाटव की बारात गाजेबाजों के साथ धूमधाम से चढ़ गई, जिसको लेकर जिला प्रशासन ने एक रूटमैप भी तैयार किया था|

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शादी हो जाने के बाद दुल्हन के परिवारवाले खुश होने के साथ-साथ दहशत में भी हैं, क्योंकि गांव के ठाकुरों ने परिजनों को देख लेने की धमकी दी है| निजामपुर गांव में 40 ठाकुर परिवार और 5 परिवार जाटव के रहते हैं| इस गांव में आज तक दलितों की बारात नहीं निकली है| दोनों जाति के लोगों के लिए यह अहम का विषय बन चुका है| इसलिए, दुल्हन की विदाई के बाद भी प्रशासन को राहत की सांस नहीं मिली है|

निजामपुर की इस शादी में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने दलित दूल्हे संजय और दुल्हन शीतल की शादी का जिम्मा संभाल रखा था| इसके साथ ही विवादित और चर्चित दलित शादी की स्टोरी का भी दी एंड हो गया|