MP: लड़कियों के सामने कपडे उतराकर लड़को का हुआ मेडिकल चेकअप

भिंड.मध्य प्रदेश में फिर एक बार चिकित्सा विभाग की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां आरक्षक भर्ती के दौरान महिलाओं का मेडिकल चेकअप पुरुष डॉक्टरों ने किया। यही नहीं महिला और पुरुष उम्मीदवारों का चेकअप अर्धनग्न अवस्था में एक ही रूम में करने का भी आरोप है। हाल ही में प्रदेश के धार में भी आरक्षक भर्ती के दौरान उम्मीदवारों के सीने पर एससी-एसटी लिखने का मामला सामने आया था। आरोपों पर जिला अस्पताल के अफसर जवाब देने से बच रहे हैं। वहीं, सिविल सर्जन अजीत मिश्रा ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जिला अस्पताल में 217 अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है| इनमें से 21 युवक और 18 युवतियों का मेडिकल एक ही कमरे में किया गया| इस बारे में एक अभ्यर्थी ने बताया कि हमें लड़कियों के सामने कपड़े उतरवाए गए| अंडरवेयर पहने हुए हमारा टेस्ट हुआ, जब हमने इसका विरोध किया तो इसे अनसुना कर दिया|

पुरुष चिकित्सकों ने किया महिला अभ्यर्थियों का मेडिकल चेकअप
अभ्यर्थियों को समूह में बांटकर अलग-अलग चरणों में जिला चिकित्सालय में मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है. इनमें से ही 39 युवक-युवतियों के मेडिकल टेस्ट करवाए गए| इन सभी को एक ही कमरे में बुलाया गया और अर्धनग्न अवस्था में युवकों के सामने युवतियों का मेडिकल टेस्ट भी किया गया| आपको बता दें कि युवतियों का मेडिकल चेकअप बिना किसी महिला चिकित्सक की मौजूदगी में किया गया| जिन 39 युवक-युवतियों के मेडिकल टेस्ट किए गए थे, उनमें से 18 युवतियां और 21 युवक शामिल थे. वहीं इस मामले में जब चिकित्सालय से जुड़े अधिकारियों से बात की गई, तो कोई भी आधिकारिक रूप से इस मामले पर बोलने को तैयार नहीं हुआ|

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मेडिकल बोर्ड का बाबू सस्पेंड
– भिंड कलेक्टर ईल्लैया राजा टी ने मेडिकल बोर्ड के बाबू दिनेश शर्मा को सस्पेंड कर दिया है। मेडिकल बोर्ड में कैंडिडेट्स का मेजरमेंट लेने वाले डॉ. आरके अग्रवाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए संभागायुक्त को लिखा है। साथ ही डॉ. विनोद वाजपेयी को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
मध्यप्रदेश के भिंड में महिला और पुरुषों का एक ही कमरे में मेडिकल टेस्ट होने का मामला सामने आने के बाद सीएम शिवराज चौहान को सफाई देनी पड़ी है। सीएम ने कहा कि हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं, जिम्मेदार पाए गए लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोप है कि जिला अस्पताल में जब यह मेडिकल टेस्ट किया जा रहा था तो वहां कोई महिला डॉक्टर मौजूद नहीं थी। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं।

धार में उम्मीदवारों के सीने पर एससी-एसटी लिख दिया था
इससे पहले धार जिले में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के दौरान लापरवाही सामने आई थी। उम्मीदवारों के मेडिकल टेस्ट के दौरान उनके सीने पर एससी-एसटी लिख दिया गया। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा था कि यह एससी-एसटी वर्ग का अपमान है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया था- भाजपा सरकार के इस जातिवादी रवैये ने देश की छाती पर छुरा मारा।
धार में उम्मीदवारों के सीने पर एससी-एसटी लिखने के मामले में एसपी ब्रिजेंद्र सिंह ने कहा, “उम्मीदवारों की चेस्ट पर उनकी कास्ट लिखना दुखद है। हमने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मैंने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि इस घटना के जिम्मेदार की पहचान की जा सके।”