US कॉल सेंटर स्कैम के जरिये करोड़ो की ठगी, 21 भारतीयों को 4 से 20 साल तक की सजा

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अमेरिका में रहने वाले 21 भारतीयों को कॉल सेंटर स्कैम के जरिए करोड़ों रुपए की ठगी करने के मामले में 4 साल से लेकर 20 साल तक की सजा सुनाई गई है। दोषी पाए गए भारतीयों को सजा पूरी होने के बाद भारत भेज दिया जाएगा। कॉल सेंटर भारत से ऑपरेट हो रहे थे और अमेरिका में दोषी ठहराए गए 21 लोग इस रैकेट का हिस्सा थे और यूएस में ही रहते थे। कॉल सेंटर की भारत के अलग-अलग शहरों में भी ब्रांच थीं। इसके जरिए 11 हजार अमेरिकियों से 250 करोड़ रुपए से ज्यादा ठगे गए।

 

 

कॉल सेंटर्स के भारतीय कर्मचारी अमेरिकन इंग्लिश बोलकर लोगों को फंसाते थे। वे पहले टैक्स न चुका पाने वाले अमेरिकियों की जानकारी हासिल करते थे। बाद में खुद को अमेरिकी इनकम टैक्स विभाग का अफसर बताकर फोन करते थे। उनसे डॉलर में पेमेंट करने को कहते थे। भुगतान नहीं करने पर गिरफ्तारी या जुर्माने की धमकी देते थे। इनमें ज्यादातर बुजुर्गाें को निशाना बनाया जाता था। कार्रवाई से बचने के लिए अमेरिकी लोग 500 से 60 हजार डॉलर (करीब 34 हजार से 41 लाख रुपए) तक देने को तैयार हो जाते थे।

 

 

कॉल सेंटर्स के दोषियो को सजा पूरी होने के बाद भारत भेजा जाएगा। अमेरिका के अटर्नी जनरल जेफ सेशंस ने इस फैसले को बड़ी जीत बताया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक कॉल सेंटर स्कैम के जरिए हजारों अमेरिकियों से सैकड़ों करोड़ डॉलर की चपत लगाई गई। अभियोजकों ने कहा कि भारत स्थित कॉल सेंटरों से तमाम फर्जी स्कीमों को लेकर टेलिफोन किए गए और हजारों अमेरिकियों को चूना लगाया है, जिनमें खासतौर पर बुजुर्ग और वैध प्रवासी शामिल हैं।

 

 

अमहदाबाद स्थित कॉल सेंटरों से अमेरिकियों के पास फोन किए गए। फोन करने वालों ने खुद को अमेरिका के इंटरनल रेवेन्यू सर्विस या यूएस सिटिजेनशिप ऐंड इमिग्रेशन सर्विसेज का अधिकारी बताकर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया। डेटा ब्रोकर्स से हासिल की गई सूचनाओं का इस्तेमाल करके तमाम अमेरिकियों को भुगतान न करने पर गिरफ्तारी, जुर्माने या अमेरिका से बाहर करने की धमकी दी गई। पीड़ित इन धोखाधड़ी करने वालों के झांसे में आ गए और उनके मनचाहे तरीके से पैसों का भुगतान कर दिया। इससे पहले 3 अन्य भारतीयों को भी इसी धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम के लिए सजा सुनाई गई थी।