
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कार्गो (माल ढुलाई) सेवा की शुरुआत हो गई है. इसके शुरू होने से दिल्ली-NCR सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के व्यापारियों व निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलेगा. अब उन्हें माल भेजने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. नोएडा एयरपोर्ट से माल ढुलाई की दर दिल्ली एयरपोर्ट के मुकाबले करीब 20 प्रति किलोग्राम तक कम बताई जा रही है. पहले दिन नोएडा एयरपोर्ट से चेन्नई के लिए कार्गो फ्लाइट रवाना हुई, जिसमें ई-कॉमर्स कंपनियों का सामान और अन्य माल भेजा गया. अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में इस कार्गो सेवा का विस्तार किया जाएगा.
कार्गो सेवा शुरू होने से व्यापारियों का समय भी बचेगा. दिल्ली एयरपोर्ट तक माल पहुंचाने में ट्रैफिक और भीड़ के कारण कई बार घंटों लग जाते थे. इसका सबसे ज्यादा नुकसान जल्दी खराब होने वाले सामानों, जैसे फल और सब्जियों को होता था. नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान होने से अब आगरा का पेठा, मेरठ का स्पोर्ट्स सामान, मुरादाबाद का पीतल, फरीदाबाद-गुरुग्राम के ऑटो पार्ट्स और नोएडा-ग्रेटर नोएडा का इलेक्ट्रॉनिक सामान कम लागत में देश-विदेश भेजा जा सकेगा.
अभी रोजाना एक कार्गो फ्लाइट, आगे बढ़ेगी क्षमता
फिलहाल, नोएडा एयरपोर्ट से प्रतिदिन एक कार्गो फ्लाइट संचालित की जा रही है. अभी इसके जरिए करीब 1500 किलोग्राम तक माल भेजने की क्षमता है. आने वाले समय में उड़ानों की संख्या बढ़ाने के साथ ही माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी. इस कार्गो सेवा से पश्चिमी यूपी के निर्यातकों को सीधा फायदा मिलेगा. उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़े निर्यातकों द्वारा हर महीने हजारों टन सामान भेजा जाता है. ऐसे में प्रति किलो 20 रुपये तक की बचत होने से निर्यातक लाखों रुपये बचा सकेंगे, जिससे स्थानीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती मिलेगी.





