चढ़ावा चोरी पर सवाल करने वाले वक्फ हेराफेरी पर चुप…’, प्रतापगढ़ से विपक्ष पर जमकर बरसे CM योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रतापगढ़ को 384 करोड़ रुपये की सौगात दी. उन्होंने 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी पर सवाल करने वाले वक्फ हेराफेरी पर चुप हैं. पहले मंदिर का पैसा कब्रिस्तान में लगता था. कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगता था. दुर्गा पूजा के वक्त दंगे होते थे. मगर अब ऐसा नहीं है. सीएम योगी ने कहा कि यूपी की प्रगति विपक्षियों को अच्छी नहीं लगती. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष समाज के ताने बाने को बांटना चाहता है. ये जाति के नाम पर विभाजन करना चाहते. जो कांग्रेस कहती थी राम नहीं हुए, कृष्ण नहीं हुए. अयोध्या में काग्रेस और सपा बाबरी का समर्थन करके घड़ियाली आंसू बहा रही थी और ये दोनों दल गिरगिट की तरह रंग बदल रही हैं. सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस को बोलने का कोई अधिकार नहीं है. उसने राम के अस्तित्व को नाकारा था. सपा रामभक्तों पर गोली चलाती थी. देश सपा और कांग्रेस के चंगुल में नहीं फंसेगा. 

SIT ने दूध का दूध, पानी का पानी किया

सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष के प्रचार के बावजूद लोग अयोध्या आ रहे हैं. चढ़ावा चोरी की घटना को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है. SIT अपना काम कर रही है. ट्रस्ट ने एआईटी जांच की मांग की थी. जांस एजेंसी ने दूध का दूध और पानी का पानी किया. जांच में सबकुछ साफ हो गया. जिनके खिलाफ सबूत उनपर कार्रवाई हुई. भक्त की सुविधा के लिए ट्रस्ट काम कर रहा है.

अयोध्या को बदनाम करने की साजिश

सीएम योगी ने कहा कि एक घटना से अयोध्या को बदनाम करने की साजिश हो रही है. वक्फ की लूट पर कोई क्यों नहीं बोलता? सपा कांग्रेस इस पर चुप क्यों? इन्होंने वक्फ के नाम पर गरीबों की जमीनों को बेचा. इन लोगों से पूछना चाहिए तुम्हे क्या अधिकार है? इनकी पीड़ा ये है कि जहां ये बाबरी का गुलामी ढ़ाचा देखना चाहते थे, वहां भव्य राम मंदिर है. उनकी पीड़ा आस्था नहीं है.

पिछली सरकारों ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया

सीएम योगी ने कहा कि आज प्रतापगढ़ के पास सोनेलाल पटेल के नाम पर भव्य मेडिकल कालेज है. 2017 और 2014 से पहले प्रोत्साहन का अभाव था. नौजवान बेरोजगार था. बेटियां असुरक्षित महसूस करती थी. पिछली सरकारों ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया. वो माफिया पालते थे. उनकी मानसिकता माफिया पालने की थी. अब वैसा नहीं है. बिना भेदभाव के सबको योजनाओं का लाभ देंगे.