
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. वहीं भाई भी बहन की रक्षा का वचन देते हैं. इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ रहेगा. बहनें सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं. इस तरह राखी बांधने के लिए कुल 3 घंटे 51 मिनट का शुभ समय मिलेगा.
कब से शुरू होगा राखी बांधने का शुभ समय?
रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से शुरू होकर 9:48 बजे तक रहेगा. इस दौरान बहनें पहले पूजा की तैयारी कर सकती हैं और इसके बाद शुभ मुहूर्त में भाई को राखी बांध सकती हैं. राखी बांधते समय भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बैठाना शुभ माना जाता है. बहन सबसे पहले भाई के माथे पर तिलक लगाए, इसके बाद आरती उतारकर उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे. इसके बाद भाई को मिठाई खिलाकर त्योहार की रस्म पूरी की जा सकती है.
रक्षाबंधन पर कैसे बांधें राखी?
राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार कर लें. इसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखी जा सकती है. सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करके पूजा शुरू करें. इसके बाद भाई को तिलक लगाएं और अक्षत लगाकर आरती करें. आरती के बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें. राखी बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं और उसके सुखी जीवन की कामना करें. भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसकी रक्षा और सम्मान का संकल्प ले सकता है.
28 अगस्त को ही क्यों मनाया जाएगा रक्षाबंधन?
पंचांग के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 08 मिनट से शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त को होने के कारण इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा. इस बार रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए भारत में इसके कारण सूतक मान्य नहीं होगा. रक्षाबंधन की पूजा और राखी बांधने की परंपरा शुभ मुहूर्त में पूरी की जा सकती है.
बहनों के लिए क्यों खास है यह मुहूर्त?
राखी बांधने के लिए मिलने वाला शुभ समय काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए धार्मिक कामों का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इसलिए बहनें जल्दबाजी करने के बजाय पूजा की तैयारी पहले से पूरी कर सकती हैं और सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे के बीच सुविधानुसार राखी बांध सकती हैं.





