उत्तर प्रदेश : सरकार ने त्यौहार सीजन को देखते हुए जारी की नई गाइडलाइन

संवाददाता सौरभ सैनी

रीडर टाइम्स न्यूज़

लखनऊ…

उत्तर प्रदेश सरकार ने त्यौहार सीजन को देखते हुए। नई गाइडलाइन जारी की हैं। इसमें रामलीला, मेला , दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन, जुलूस से संबंधित सभी दिशा निर्देश विस्तार में दिए गए हैं। लखनऊ और नोएडा में मेला, मूर्ति स्थापना और विसर्जन, रैली, जागरण आदि के लिए पुलिस कमिश्नर से अनुमति लेनी होगी। वहीं दूसरे जिलों में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से परिमिशन लेनी होगी। योगी सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन्स में कहा गया है। कि अगर कार्यक्रम का आयोजन बंद हॉल में हो रहा है तो कुल क्षमता के 50 फीसदी लोग ही अंदर जा सकेंगे और यहां भी फेस मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टैंसिंग अनिवार्य होगी। अगर आयोजन खुले स्थान पर होता है तैयारिओं के हिसाब से ही लोगों को अनुमति दी जाएगी और यहां भी 6 फीट की दूरी सुनिश्चित की जानी जरूरी है। यह भी सलाह दी गई है कि कार्यक्रम में 65 साल से ज्यादा के लोग, 10 साल की उम्र से कम के बच्चे और गर्भवती महिलाएं शामिल न हों।

कहां रखी जाएं मूर्तियां

सरकार ने कहा है कि, मूर्तियां रखने के लिए ऐसी जगह का चुनाव किया जाए जो खुली हो और सोशल डिस्टैंसिंग का पालन किया जा सके। चौराहों या सड़कों पर मूर्ति या ताजिया न रखी जाए। इसके अलावा मूर्तियों का आकार छोटा रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन के लिए भी रूट मैप पहले ही तैयार करके प्रशासन से इजाजत लेनी होगी और अगर रूट लंबा है। तो ऐंबुलेंस की भी व्यवस्था सुनिश्चि करनी होगी। यहां भी सोशल डिस्टैंसिंग का पालन और मास्क अनिवार्य है।

आयोजन स्थल पर जाने से पहले ध्यान रखें ये बातें

किसी भी आयोजन स्थल पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य है। साथ ही हैंड सैनिटाइजर का भी ध्यान रखा जाना है। आयोजन स्थल पर एंट्री और एग्जिट के अलग-अलग द्वार रखने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यकर्ताओं को भी हैंड सैनिटाइजर औऱ मास्क की सुविधा देनी होगी। यहां कोरोना से जागरूकता के लिए पोस्टर और बैनर भी लगाए जाएँगे। आयोजक यथा संभव स्पर्श रहित भुगतान की भी व्यवस्था करें। सरकार ने सख्ती से कहा है कि कंटेनमेंट जोन में किसी तरह के आयोजन की इजाजत नहीं दी जाएगी और कंटेनमेंट जोन से आए लोगों को एंट्री भी नहीं दी जाएगी। आयोजकों को चिकित्सा सुविधा सुनिश्चि करने की भी सलाह दी गई है। अगर किसी के अंदर कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो उसे आइसोलेट किया जाएगा।