16 गांवों में पसरा अंधेरा; गौतम बुद्ध नगर में आंधी-बारिश ने कैसे मचाया कहर !

दिल्ली-एनसीआर में तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पेड़ और बिजली के पोल गिरने से कई इलाके प्रभावित हुए. 150 से ज्यादा पोल टूटे और कई गांवों की बिजली ठप हो गई. तेज हवाओं से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है.

दिल्ली-एनसीआर में बुधवार शाम अचानक मौसम ने करवट बदली. तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया. गौतम बुद्ध नगर जिले में कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए. अचानक आए इस बदलाव से एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, तो वहीं दूसरी ओर भारी नुकसान भी झेलना पड़ा.

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट (ग्रेनो वेस्ट) और दादरी, दनकौर, रबूपुरा, जेवर जैसे ग्रामीण इलाके बारिश-आंधी से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. कई स्थानों पर बिजली के पोल गिर गए और सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

तूफान का सबसे बड़ा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा. तेज हवाओं के कारण 150 से ज्यादा बिजली के पोल टूट गए, जबकि करीब 25 ट्रांसफार्मरों में फॉल्ट आ गया और कई ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह फुंक गए. इसके चलते कई इलाकों में अचानक बिजली गुल हो गई और लोगों को रात भर अंधेरे में रहना पड़ा. लगभग 16 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

तेज आंधी और बारिश के बाद तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की गई, जिससे गर्मी से राहत मिली, लेकिन यह राहत नुकसान के साथ आई. सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है. इस समय खेतों में गेहूं की फसल तैयार खड़ी है, लेकिन तेज हवाओं और बारिश के कारण फसल जमीन पर गिर गई. किसानों का कहना है कि इससे उत्पादन पर असर पड़ेगा और फसल की गुणवत्ता भी घट जाएगी, जिससे उन्हें बाजार में उचित कीमत नहीं मिल पाएगी. कई किसानों ने आशंका जताई है कि अगर मौसम इसी तरह खराब रहा, तो उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है.

मौसम को देखते हुए एडवाइजरी जारी

मौसम विभाग (IMD) ने खराब मौसम को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है. लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. साथ ही पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है. प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

आईएमडी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हवाओं की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक दर्ज की गई. मौसम विभाग ने 19 और 21 मार्च को भी तेज हवाओं, बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है. इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.

इस बदलाव का एक सकारात्मक पहलू यह भी रहा कि तेज बारिश और हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार दर्ज किया गया, जिससे लोगों को साफ हवा में सांस लेने का मौका मिला. हालांकि, तूफान से हुए नुकसान ने साफ तौर पर जनजीवन को प्रभावित किया है और आने वाले दिनों में भी मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जारी रहने की संभावना है.