टीम इंडिया की हार के 4 सबसे बड़े कारण, दूसरे T20I में इंग्लैंड ने ऐसे पलटा पूरा मुकाबला

इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को एक करीबी और उतार-चढ़ाव भरे मैच में हार का सामना करना पड़ा. हालांकि इस मैच में युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के रूप में भारत का एक नया सितारा दुनिया के सामने आया, लेकिन मेजबान टीम के जैकब बेथेल की 46 गेंदों में 76 रनों की नाबाद पारी टीम इंडिया की उम्मीदों पर भारी पड़ गई. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रन बनाए और इंग्लैंड को 191 रनों का टारगेट दिया. एक समय जब इंग्लैंड ने 133 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे और उन्हें आखिरी 28 गेंदों में 58 रनों की जरूरत थी, तब मैच पूरी तरह भारत की मुट्ठी में लग रहा था. जैकब बेथेल की पारी के चलते इंग्लैंड की टीम सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाने में कामयाब रही. भारत की इस हार के पीछे 4 बड़ी वजह भी रहीं. 

ईशान किशन की सुस्त बल्लेबाजी

ओल्ड ट्रैफर्ड की यह पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जा रही थी. ऐसी पिच पर ईशान किशन ने काफी धीमी बल्लेबाजी की. उन्होंने 49 रन बनाने के लिए 40 गेंदें खर्च कर डालीं. टी20 क्रिकेट के लिहाज से इस सपाट पिच पर यह स्ट्राइक रेट काफी साधारण रहा. अगर ईशान ने थोड़ी तेजी से रन बनाए होते, तो भारतीय टीम का स्कोर आसानी से 210 रनों के पार पहुंच सकता था.

रवि बिश्नोई की 3 नो बॉल और महंगी गेंदबाजी

लेग स्पिनर रवि बिश्नोई के लिए यह मुकाबला किसी बुरे सपने जैसा रहा. उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 60 रन लुटा दिए. बिश्नोई की इस महंगी गेंदबाजी की सबसे बड़ी विलेन रहीं उनकी तीन नो-बॉल. टी20 फॉर्मेट में नो-बॉल फेंकना किसी अपराध से कम नहीं है क्योंकि यह विपक्षी टीम को फ्री-हिट का तोहफा देती है. दबाव के पलों में बिश्नोई अपनी लाइन-लेंथ से पूरी तरह भटक गए. जिसका इंग्लैंड की टीम ने पूरा फायदा उठाया.

हर्षित राणा का एक बार फिर फ्लॉप शो

युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा से टीम को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह लगातार दूसरे मैच में भी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे. राणा ने 3 ओवर गेंदबाजी की और बिना कोई सफलता हासिल किए 30 रन दे डाले. उनकी गेंदों में न तो वह धार दिखी और न ही वह रन गति पर लगाम लगा पाए, जिससे कप्तान पर दबाव लगातार बढ़ता चला गया.

अर्शदीप सिंह का वो ओवर, जिसने पासा पलट दिया

भारतीय तेज गेंदबाजी की कमान संभाल रहे अर्शदीप सिंह ने इस मैच में शुरुआत तो अच्छी की और पहले ही ओवर में 2 सफलता हासिल कर लीं. लेकिन उनका दूसरा ओवर टीम को काफी भारी पड़ा. अपने इस एक ओवर में अर्शदीप ने दिशाहीन गेंदबाजी करते हुए कुल 27 रन लुटा दिए. इस ओवर ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को वो मोमेंटम दे दिया, जिसकी उन्हें मैच में वापसी के लिए सख्त जरूरत थी.