मैं किडनैप नहीं हुई, अपनी मर्जी से शादी की’, जालौन की लापता काजल ने प्रेमी संग वीडियो जारी कर बताई सच्चाई

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कालपी थाना क्षेत्र से अंतरधार्मिक प्रेम विवाह और सुरक्षा की गुहार से जुड़ा एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पिछले कई दिनों से लापता चल रही 21 वर्षीय युवती काजल मंसूरी ने खुद एक वीडियो जारी कर अपने अपहरण की खबरों का पूरी तरह खंडन किया है. काजल ने साफ शब्दों में कहा है कि वह किसी के दबाव में नहीं आई है, बल्कि अपने छह साल पुराने प्रेमी ठाकुर ओम सिंह के साथ अपनी मर्जी से गई है. इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने युवती की तलाश तेज कर दी है. 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कालपी निवासी काजल मंसूरी ने अपनी आपबीती और इस कदम को उठाने की वजह विस्तार से बताई है. हालांकि इस वीडियो की पुष्टि  नहीं करता. काजल ने वीडियो में खुलासा किया कि वह और ठाकुर ओम सिंह पिछले छह साल से एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में हैं. उसने अपने प्रेम संबंध के बारे में परिजनों को भी अवगत कराया था. इसके बावजूद घरवाले उसकी शादी किसी अन्य युवक से तय कर रहे थे, जिसके कारण उसे घर छोड़ने का यह बड़ा कदम उठाना पड़ा. 

पिता ने दर्ज कराया था अपहरण का केस, पति की जान को खतरा

इस पूरे मामले की शुरुआत सात जुलाई की रात को हुई थी, जब काजल अचानक अपने घर से लापता हो गई थी. बेटी के लापता होने के बाद पीड़ित पिता ने आठ जुलाई को कालपी कोतवाली में तहरीर दी थी. पिता की शिकायत पर पुलिस ने ठाकुर ओम सिंह के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने (अपहरण) की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. वायरल वीडियो में काजल ने अपने मायके वालों से अपनी और अपने पति की जान को गंभीर खतरा बताया है. उसका आरोप है कि उसके घरवाले उसके पति ओम सिंह को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकियां दे रहे हैं. काजल ने जिले के उच्च प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है.

CO राजेश कमल का बयान: कोर्ट में दर्ज होंगे बयान

युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. कालपी के क्षेत्राधिकारी (CO) राजेश कमल ने मामले की प्रगति पर आधिकारिक जानकारी साझा की. सीओ राजेश कमल ने बताया कि कालपी थाने में आठ जुलाई को नामजद आरोपी ओम सिंह पर केस दर्ज किया गया था, जिसकी कानूनी विवेचना वर्तमान में प्रचलित है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को संज्ञान में लिया गया है, हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि न्यायालय के समक्ष ही होगी. पुलिस टीमें अपहृता (काजल) की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं. बरामदगी के बाद युवती को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां धारा 164 के तहत उसके बयान दर्ज किए जाएंगे. इसके बाद साक्ष्यों के आधार पर ही मामले का अंतिम निस्तारण किया जाएगा.