
दिल्ली का जंतर-मंतर पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में बना हुआ है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अनशन पर हैं, जिसको लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. इस आंदोलन को कई राजनीतिक दलों के साथ ही कई बड़ी हस्तियों का भी समर्थन मिला है. बीते शनिवार को सोनम वांगचुक पुलिस ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया था, जिस पर तमाम नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी. वहीं इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने छात्रों के इस आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है.
रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए जो सरकार जवाबदेह नहीं है, उसे बदलने के लिए अब लड़ाई शुरू की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि अब सिर्फ सी मंत्री के इस्तीफे की मांग नहीं, बल्कि पूरी सरकार की जवाबदेही तय करने का समय आ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों पर जवाब देने में विफल रही है.उन्होंने कहा कि मैं देशभक्त हूं, अंधभक्त नहीं.
‘पाक बातचीत के लिए तैयार, वांगचुक से नहीं’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए तैयार है लेकिन छात्रों के हित में उपवास कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से संपर्क नहीं किया. उन्होंने कहा ‘हाल ही में RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए दरवाजे खुले रखने की जरूरत पर जोर दिया है. वही पाकिस्तान आतंकी हमले करता है, घुसपैठ में मदद करता है. RSS प्रमुख मोहन भागवत ने इसका समर्थन करते हुए कहा है कि हम हिटलर जैसे नहीं हैं. यह बात आप मोदी को बताइए. आप पाकिस्तान से बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन वांगचुक से नहीं’.
‘सरकार ने युवाओं का भविष्य छीन लिया’
अपने संबोधन में ठाकरे ने कहा कि एक ऐसी सरकार को बदलने के लिए संघर्ष शुरू किया जाना चाहिए जो जवाबदेह नहीं है. उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बारे में नहीं है, इस सरकार ने युवाओं का भविष्य छीन लिया है. उन्होंने कहा कि यह केवल वोटों की चोरी और चंदे का मामला नहीं है, यह भविष्य की चोरी का मामला है.
‘सच्चाई को कभी नहीं छुपा सकते’
उन्होंने वांगचुक को राष्ट्र-विरोधी करार देने के लिए बीजेपी की कड़ी आलोचना की. उन्होंने बताया कि इस वांगचुक ने सशस्त्र बलों के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले तंबू और सौर ऊर्जा शिविर बनाए हैं. उन्होंने कहा आप सोनम वांगचुक को चादर से ढक सकते हैं, लेकिन सच्चाई को कभी नहीं छुपा सकते. आप अपने पापों को पर्दे के पीछे बिल्कुल नहीं छिपा सकते’.
लोगों से उद्धव ठाकरे की अपील
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ जंतर-मंतर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के कोने-कोने तक पहुंचना चाहिए. इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में सभाएं, मशाल मार्च, मानव श्रृंखला और कैंडल मार्च जैसे शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करें ताकि सरकार को जनता की आवाज सुनाई दे. उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान लोग मैं अन्ना हूं लिखी टोपी पहनते थे, उसी तरह अब लोग मैं देशभक्त हूं, अंधभक्त नहीं लिखकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आगे आएं.





