
हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी (SVPNPA) में ट्रेनी IPS अधिकारी उदय कृष्णा रेड्डी पर लगे यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पीड़िता भी ट्रेनी आईपीएस हैं. अब आरोपी अधिकारी के खिलाफ अब रेप और हत्या की कोशिश जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ दी गई हैं. बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
मामले में 30 वर्षीय महिला IPS ट्रेनी ने करीब 11 दिन पहले अत्तापुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में उसने 33 वर्षीय ट्रेनी IPS अधिकारी पर यौन उत्पीड़न, चाकू दिखाकर धमकाने और उसकी प्राइवेसी का उल्लंघन करने के आरोप लगाए थे. पुलिस ने शुरुआत में आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़, पीछा करने, यौन उत्पीड़न, ताक-झांक (वॉयूरिज्म), शारीरिक हमला और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया था.
जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) (रेप), धारा 109 (हत्या की कोशिश) और धारा 63(b)(iii) के तहत अतिरिक्त धाराएं जोड़ दीं.
मेडिकल जांच में मिले चोट के निशान
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला IPS अधिकारी की मेडिकल जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो शिकायत में लगाए गए आरोपों को पहली नजर में समर्थन देते हैं. जांच में महिला अफसर की गर्दन पर गला दबाने जैसे निशान और पैर की पिंडली पर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई है. पुलिस ने मंगलवार रात आरोपी अधिकारी को अरामगढ़ चौराहे के पास से हिरासत में लिया था. इसके बाद उसे मेडिकल परीक्षण के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल ले जाया गया.
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने न्यायिक हिरासत का विरोध किया, जबकि अभियोजन पक्ष ने पुलिस जांच के लिए आरोपी को हिरासत में रखने की मांग की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. अब आरोपी को चंचलगुडा केंद्रीय जेल भेजा जा रहा है.
इंस्टाग्राम से शुरू हुई थी पहचान
राजेंद्रनगर के डीसीपी एस. श्रीनिवास के मुताबिक, आरोपी और पीड़िता की पहचान साल 2025 में इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. महिला अधिकारी ने आरोपी के IPS बनने के सफर से जुड़ी एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई.
पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच समय के साथ रिश्ते में विवाद बढ़ने लगे. डीसीपी ने बताया कि आरोपी पर भावनात्मक दबाव बनाने, आत्महत्या की धमकी देने, हथियार दिखाने, अपमान करने और एक से अधिक रिश्तों की मांग करने जैसे आरोप लगाए गए हैं. आरोपी के कथित व्यवहार से परेशान होकर महिला अधिकारी ने बाद में यह रिश्ता खत्म कर दिया और किसी अन्य व्यक्ति से शादी कर ली. जांच एजेंसियां अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही हैं.





