
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में गौतम मौर्य हत्याकांड की जांच में पुलिस ने बड़े खुलासे किए हैं. मुख्य आरोपी समीर इदरीसी के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. पुलिस के अनुसार, हत्या वाले दिन समीर की बातचीत गौतम मौर्य की कथित पूर्व प्रेमिका से कई बार हुई थी. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रेमिका का भाई भी इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा हुआ था. पुलिस ने उसे भी आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
पुलिस के मुताबिक, 31 जुलाई की देर शाम गौतम मौर्य की हत्या की गई थी. इस मामले में मुख्य आरोपी समीर इदरीसी के अलावा उसके पिता लियाकत, भाई तमीम और चचेरे भाई राजा का नाम भी सामने आया था. घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समीर को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. वहीं, अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया है कि मृतक गौतम मौर्य का पहले एक युवती से प्रेम संबंध था. बाद में दोनों का ब्रेकअप हो गया और युवती की नजदीकियां मुख्य आरोपी समीर इदरीसी से बढ़ गईं. पुलिस का कहना है कि इस बात को लेकर गौतम और समीर के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था.
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच इंस्टाग्राम पर पोस्ट और स्टोरी के जरिए एक-दूसरे को निशाना बनाया जा रहा था. यह सोशल मीडिया विवाद धीरे-धीरे व्यक्तिगत दुश्मनी में बदल गया और आखिरकार हत्या तक पहुंच गया.
हत्या वाले दिन कई बार हुई थी बातचीत
पुलिस जांच में मिले मोबाइल डेटा के अनुसार, हत्या वाले दिन समीर और कथित पूर्व प्रेमिका के बीच कई बार बातचीत हुई थी. पूछताछ के दौरान युवती के भाई ने भी इस संपर्क की पुष्टि की. इतना ही नहीं, पुलिस को ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं जिनसे पता चला कि युवती के भाई की भी मुख्य आरोपी समीर से बातचीत हुई थी.
इन्हीं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने युवती के भाई की भूमिका संदिग्ध मानते हुए उसे भी इस हत्याकांड में आरोपी बनाया और अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया. आरोप है कि मुख्य आरोपी समीर ने युवती और उसके भाई के उकसावे पर गौतम की 16 बार चाकू मारकर हत्या की थी.
पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
शाहजहांपुर के एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस इस हत्याकांड की गहन विवेचना कर रही है. अब तक मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल चैट और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके.





