
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. गुलावठी थाना क्षेत्र के छपरावत गांव के पास बीती देर रात पुलिस, स्वाट टीम और बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मोनू ढेर हो गया. मृतक बदमाश की पहचान मोनू पुत्र राकेश (निवासी फतेहपुर जादौन, थाना चोला, बुलंदशहर) के रूप में हुई है.
मोनू 1 अगस्त को ककोड़ थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और उसकी हत्या की सनसनीखेज वारदात का मुख्य आरोपी था. बुलंदशहर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोनू गुलावठी थाना क्षेत्र के छपरावत गांव में छिपा हुआ है. सूचना के आधार पर स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस ने इलाके में संयुक्त छापेमारी की.
पुलिस टीम को देखते ही आरोपी मोनू मौके से भागने लगा. जब उसने खुद को चारों तरफ से घिरता देखा, तो उसने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली मोनू को जा लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा. पुलिस उसे तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल ले गई, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
स्वाट दरोगा और सिपाही घायल, जैकेट पर लगीं गोलियां
इस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से हुई अंधाधुंध गोलाबारी में स्वाट टीम के दरोगा संदीप कुमार और कांस्टेबल नरेंद्र कुमार गोली लगने से घायल हो गए. इसके अलावा गुलावठी थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा और सिकंदराबाद थाना प्रभारी शैलेंद्र प्रताप सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोलियां लगीं, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची. मुठभेड़ का फायदा उठाकर मोनू का एक साथी अंधेरे में मौके से फरार हो गया. पुलिस टीम इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाकर उसकी तलाश कर रही है.
अवैध हथियार बरामद, कई जिलों में दर्ज थे मुकदमे
पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्तौल, दो मैगजीन, कई कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मृत बदमाश मोनू एक आदतन अपराधी था. उसके खिलाफ बुलंदशहर के अलावा जनपद गौतमबुद्ध नगर, जीआरपी बरेली और जीआरपी अलीगढ़ में भी कई गंभीर आपराधिक मुकदमे पंजीकृत थे.





