
बिहार की राजनीति में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विधान परिषद चुनाव इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. मोकामा विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ बगावती तेवर दिखा रहे हैं. जिससे जनता दल (यूनाइटेड) के अंदर ही राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है. इस बीच अनंत सिंह और नीरज कुमार में विवाद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ललन सिंह से आज (सोमवार, 5 अक्टूबर) मुलाकात की. दोनों नेताओं की इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार अचानक ललन सिंह के आवास पर हुंचे. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक में बातचीत हुई. अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच सुलह कराने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी गई है. ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे को सुलझाने को लेकर चर्चा हुई.
नेताओं के बीच जारी विवाद से पार्टी में हलचल
दरअसल नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के लिए अपने ही दल के दो नेताओं के बीच का विवाद गले की फांस बन गया है. मोकामा विधायक अनंत सिंह और विधान पार्षद नीरज कुमार की लड़ाई की गुत्थी इतनी उलझ गई है कि वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद भी सुलझ नहीं पा रही है. ऐसे में ललन सिंह को दोनों दोनों के बीच सुलह का जिम्मा सौंपा गया है.
ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात से निकलेगा हल!
अब नीरज कुमार के नामांकन से ठीक पहले नीतीश कुमार ललन सिंह से मिलने पहुंचे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी विवाद पर कोई रास्ता निकलेगा. क्या अनंत सिंह को पार्टी मना पाएगी. क्योंकि अनंत सिंह और नीरज कुमार दोनों ही पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार है.
अनंत सिंह के बगावती तेवर
इधर अनंत सिंह TV9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में पहले ही ये कह चुके हैं वो किसी की नहीं सुनेंगे. अनंत सिंह ने JDU उम्मीदवार नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया है. वो जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं और उनके नामांकन के समय भी मौजूद रहे. अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराने का ऐलान किया है. उनके इस बगावती तेवर से जेडीयू में हलचल मच गई है.
जनसुराज प्रत्याशी को दिया समर्थन
अनंत सिंह हाल ही में जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के नामांकन जुलूस में शामिल हो गए. बीते गुरुवार को जब अनुज सिंह ने अपना नामांकन दाखिल किया, तो अनंत सिंह ने पटना में उनके लिए रोड शो भी किया, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया. इधर जेडीयू नेताओं का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि के दायरे में आता है. हालांकि अनंत सिंह अपने स्टैंड पर पूरी तरह कायम नजर आ रहे हैं.





