
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित रामगढ़ताल के नौका विहार में रविवार रात बड़ा हादसा हो गया. दो स्पीड बोट की आमने-सामने टक्कर के बाद एक बोट पलट गई. हादसे में 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए. इनमें से पांच लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि तीन घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है.
मृतक की पहचान कुशीनगर जिले के हाटा क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी 21 वर्षीय लखमुद्दीन के रूप में हुई है. वह अपने दोस्त 25 वर्षीय कयामुद्दीन अंसारी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गोरखपुर के नौका विहार घूमने आया था. सभी ने रामगढ़ताल में स्पीड बोट से सैर करने का फैसला किया था, लेकिन यह सैर कुछ ही देर में दर्दनाक हादसे में बदल गई.
आमने-सामने टकराईं दोनों बोट
पुलिस के अनुसार, एक स्पीड बोट प्लेटफॉर्म से रामगढ़ताल की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी बोट यात्रियों को छोड़कर वापस प्लेटफॉर्म की ओर लौट रही थी. इसी दौरान दोनों बोटों की आमने-सामने टक्कर हो गई. टक्कर इतनी तेज थी कि एक बोट का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई. बोट पलटते ही उसमें सवार लोग तालाब में गिर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों, नाविकों और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया. तालाब में गिरे सभी लोगों को बाहर निकाला गया. गंभीर रूप से घायल लखमुद्दीन, कयामुद्दीन अंसारी, एक अन्य युवक और एक बच्चे को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया. इलाज के दौरान लखमुद्दीन ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य घायलों का उपचार जारी है.
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारी मौके पर पहुंचे. प्राथमिक जांच में हादसे की वजह दोनों बोटों की आमने-सामने टक्कर मानी जा रही है. हालांकि अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि बोट संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन तो नहीं हुआ.
बोट चालकों के लाइसेंस होंगे निरस्त
पुलिस ने दोनों बोट चालकों का मेडिकल परीक्षण कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. प्रशासन ने दोनों प्लेटफॉर्म संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उनके लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा गोरखपुर विकास प्राधिकरण के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) की भूमिका की भी जांच की जाएगी. पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
रामगढ़ताल में यह पहला बोट हादसा नहीं है. वर्ष 2025 में भी दो बोटों की टक्कर में तीन लोग घायल हुए थे. उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे. ताजा हादसे के बाद एक बार फिर नौका विहार में सुरक्षा मानकों और बोट संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.





