
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए मुसीबतों का दौर खत्म नहीं हो रहा है. उन्हें फिर से वापस जेल भेज दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान को हॉस्पिटल कड़ी सुरक्षा में शिफा हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था, लेकिन 6 घंटे के अंदर मेडिकल जांच के बाद उन्हें फिर से अदियाला जेल वापस भेज दिया गया.
शहबाज शरीफ सरकार ने आज शुक्रवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री इमरान को इस्लामाबाद के शिफा हॉस्पिटल से वापस अदियाला जेल पहुंचा दिया. उन्हें रावलपिंडी स्थित जेल से गुरुवार देर रात ही मेडिकल जांच के लिए लाया गया था. लेकिन कुछ ही घंटों में उन्हें जेल में ही भेज दिया गया. जेल सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच इमरान को वापस उनकी कोठरी में ले गई.
शिफा हॉस्पिटल के बाहर कड़ी सुरक्षा
इससे पहले, इमरान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से शिफा हॉस्पिटल ले जाया गया था. जेल अधिकारियों के मुताबिक, इमरान को कड़ी सुरक्षा के बीच हॉस्पिटल ले जाया गया. साथ ही, सुरक्षा के लिए हॉस्पिटल के बाहर पुलिस की कई बड़ी टुकड़ियां तैनात की गई थीं.
सूत्रों का यह भी कहना है कि हॉस्पिटल में PTI के संस्थापक इमरान के इलाज की व्यवस्था पूरी कर ली गई थी और उनकी मेडिकल जांच के लिए डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई थी.
कोर्ट ने 16 सितंबर तक रखने को कहा था
इस हफ्ते की शुरुआत में, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इमरान खान को जेल से हॉस्पिटल शिफ्ट करने का निर्देश दिया था. 3 जजों की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि इमरान खान को अगले 48 घंटों के अंदर इस्लामाबाद के शिफा हॉस्पिटल ले जाया जाए.
देश की शीर्ष अदालत ने मंगलवार को यह निर्देश दिया था कि 73 साल के इमरान को अगले 2 दिन के अंदर इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाए और 16 सितंबर के लिए निर्धारित अगली सुनवाई तक उन्हें वहीं रखा जाए. तब सरकार ने कहा था कि वह कोर्ट के आदेश को लागू करेगी, लेकिन बाद में उसकी ओर से शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर आदेश पर पुनर्विचार और उसे वापस लेने का अनुरोध किया गया.
SC से वापस सरकार की समीक्षा याचिका
सरकार ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक समीक्षा याचिका दायर की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ऑफिस ने समीक्षा याचिका पर कई आपत्तियां उठाईं और उसे वापस कर दिया. रजिस्ट्रार ऑफिस ने कहा कि याचिका बिना पूरे रिकॉर्ड के दायर की गई थी.
यह याचिका इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त ने इस्लामाबाद के एडवोकेट जनरल के जरिए दायर की थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त के इस मामले से जुड़े अंतरिम आदेश की समीक्षा की मांग की गई थी.
कोर्ट का आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर
सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि इमरान को हॉस्पिटल भेजने का आदेश कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर का है और इसलिए इस पर पुनर्विचार की आवश्यकता है. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक राणा सनाउल्लाह खान ने कहा कि PTI के संस्थापक अध्यक्ष इमरान को दी गई राहत कानून के अनुसार नहीं थी.
सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के एक अन्य सांसद तारिक फजल चौधरी ने कहा कि इमरान खान को विदेश भेजा जा सकता है.
सेहत को लेकर चिंता, आंख की बीमारी
सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह आदेश पीटीआई के संस्थापक के परिवार और समर्थकों की ओर से कई महीनों से उनकी सेहत को लेकर जताई जा रही चिंता और उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं दिए जाने के बार-बार लगाए गए आरोपों के बाद आया था. जेल में बंद इमरान की सेहत ठीक नहीं है. उनकी आंख की बीमारी प्रमुख चिंताओं में से एक रही है.
पूर्व क्रिकेटर इमरान को दाहिनी आंख में खराबी का पता जनवरी के अंत में चलने के बाद पिछले कुछ महीनों में कई बार इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया था. इसके बाद से उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की मांग तेज हो गई.





