IND vs SL: कोलंबो में श्रीलंका पर टीम इंडिया की जीत पक्की? 15 साल का रिकॉर्ड दे रहा बड़ा संकेत

टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का आगाज एक दमदार जीत के साथ किया. सीरीज शुरू होने से पहले जिस गॉल के मैदान को और जिस श्रीलंकाई स्पिन अटैक को टीम इंडिया के कम अनुभवी बल्लेबाजों के लिए चुनौती माना जा रहा था, वहां कप्तान शुभमन गिल की टीम ने 165 रन से जीत दर्ज की. इस तरह अलग-अलग दावों को गलत साबित करते हुए टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली. अब भारत के पास सीरीज जीतने का मौका है और इसके लिए कोलंबो से बेहतर वेन्यू क्या हो सकता है, जहां पिछले 15 साल में टीम इंडिया ने कोई मैच नहीं गंवाया है. 

SSC में कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड?

सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में 23 अगस्त से भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच शुरू होगा. ये इस सीरीज का आखिरी ही मैच होगा. ऐसे में इसे जीतने या ड्रॉ होने पर सीरीज टीम इंडिया के नाम हो जाएगी. वहीं श्रीलंका के पास सीरीज बचाने का ये आखिरी मौका है. ऐसे में मुकाबला रोमांचक और कड़ा होने की उम्मीद है. गॉल टेस्ट की जीत से टीम इंडिया के हौसले मजबूत होंगे और कोलंबो के इस मैदान के आंकड़े देखकर उनमें दोगुना जोश भरने की उम्मीद होगी.

असल में श्रीलंका के सबसे पुराने स्टेडियम में से एक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) भारत के लिए अच्छा साबित हुआ है. खास तौर पर 2010 के बाद से 15 सालों के अंदर टीम इंडिया ने यहां कोई टेस्ट मैच नहीं गंवाया है. आंकड़े बताते हैं कि 2010 से अब तक भारत ने यहां कुल 3 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से पहला मैच ड्रॉ रहा था, जबकि अगले दोनों मैच टीम इंडिया ने बड़े अंतर से जीते हैं. भारत को यहां पिछले हार 2008 के दौरे पर मिली थी. कुल मिलाकर SSC में भारतीय टीम ने 9 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से 3 में जीत और 2 में हार मिली है. वहीं बाकी 4 मैच ड्रॉ रहे थे. 

राहुल और जडेजा खेल चुके टेस्ट

गॉल टेस्ट की तरह SSC की कहानी भी वैसी ही है. टीम इंडिया के सिर्फ 2 खिलाड़ियों को इस मैदान पर खेलने का अनुभव है- केएल राहुल और रवींद्र जडेजा. राहुल ने यहां 2015 और 2017 में कुल 2 टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें एक अर्धशतक की मदद से 3 पारियों मे 61 रन ही बना सके हैं. वहीं जडेजा ने एक मैच खेला और उसमें भी 70 रन की पारी के अलावा 7 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच बने थे. ऐसे में एक बार फिर स्टार ऑलराउंडर इस मैदान पर अपना कमाल दिखाने को तैयार होंगे. जबकि राहुल अपने रिकॉर्ड को बेहतर करना चाहेंगे.