
उत्तर प्रदेश के बरेली में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बच्चे को डॉक्टर को दिखाने के लिए गूगल पर नंबर खोजना एक परिवार को भारी पड़ गया. इफको कॉलोनी निवासी सर्वेश शर्मा ने अयूब खां चौराहे के पास डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए मोबाइल नंबर गूगल पर सर्च किया था. उन्हें जो नंबर मिला, उस पर कॉल करने के बाद साइबर ठग ने ऑनलाइन अपॉइंटमेंट कराने का झांसा दिया.
इसके बाद व्हाट्सऐप पर एक APK फाइल भेजकर उसे डाउनलोड कराया गया. कुछ दिन बाद सर्वेश के बैंक खाते से करीब 5 लाख 6 हजार रुपये निकाल लिए गए. सर्वेश शर्मा ने साइबर थाने में दी तहरीर में बताया कि 24 अगस्त को उनके बच्चे को दिक्कत थी. बच्चे को डॉक्टर को दिखाने के लिए उन्होंने अयूब खां चौराहे स्थित नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ के यहां अपॉइंटमेंट लेने का फैसला किया.
फोन पर बताया अपॉइंटमेंट का नया तरीका
इसके लिए उन्होंने डॉक्टर का मोबाइल नंबर गूगल पर सर्च किया. सर्च करने पर उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला. सर्वेश ने उस नंबर पर फोन किया तो दूसरी तरफ से एक व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर के अपॉइंटमेंट से जुड़ा बताया. उसने कहा कि मरीज का नंबर लगाने का तरीका बदल गया है और अब ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए अपॉइंटमेंट लिया जाएगा. इसके बाद आरोपी ने सर्वेश के व्हाट्सऐप नंबर पर एक APK फाइल भेजी. आरोपी ने उनसे कहा कि इस फाइल को डाउनलोड करने के बाद अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.
APK फाइल डाउनलोड करने के बाद खाते से निकल गई रकम
सर्वेश ने आरोपी की बात पर भरोसा किया और भेजी गई APK फाइल डाउनलोड कर ली. हालांकि इसके बाद भी डॉक्टर का अपॉइंटमेंट नहीं हो सका. बाद में सर्वेश खुद डॉक्टर के पास पहुंचे और बच्चे के लिए दवा ले ली.उन्हें उस समय इस बात का अंदाजा नहीं था कि मोबाइल पर भेजी गई फाइल के जरिए उनके साथ साइबर ठगी हो चुकी है. 12 सितंबर को जब वह बैंक शाखा पहुंचे तो खाते से बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिली. जांच करने पर पता चला कि उनके बैंक खाते से करीब 5 लाख 6 हजार रुपये की रकम निकाल ली गई है.
साइबर ठगों से बचने के लिए पुलिस ने दी चेतावनी
इसके बाद सर्वेश ने मामले की शिकायत साइबर थाने में की. पुलिस ने उनकी तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले की जांच इंस्पेक्टर सिद्धार्थ सिंह तोमर को सौंपी गई है. साइबर थाना पुलिस के मुताबिक डॉक्टर, अस्पताल या किसी दूसरी सेवा का मोबाइल नंबर गूगल पर सर्च करते समय लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. साइबर अपराधी कई बार इंटरनेट पर गलत मोबाइल नंबर या फर्जी जानकारी डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं.
एसएसपी अनुराग आर्य ने क्या बताया?
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर साइबर थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. साइबर अपराधी ने डॉक्टर का अपॉइंटमेंट कराने के बहाने पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और संभव है कि APK फाइल के जरिए मोबाइल में सेंध लगाकर बैंक खाते से रकम निकाली गई हो. उन्होंने लोगों से अपील की कि अनजान लोगों की बात पर भरोसा न करें और उनके भेजे किसी भी APK फाइल को डाउनलोड न करें.





