नोएडा से AIIMS का सफर होगा आसान! 60 मिनट की दूरी अब महज 20 मिनट में, आज बारापुला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन

दिल्ली का बारापूला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज (मंगलवार, 29 सितंबर) इस 9 साल की देरी से बने कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. इससे राजधानी के सड़क नेटवर्क और यातायात व्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी. इससे मयूर विहार से एम्स तक का सफर सिग्नल-फ्री हो जाएगा. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहेंगे. 

दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो नए फ्लाईओवर- मोदी मिल से कालकाजी और सावित्री सिनेमा हाफ फ्लाईओवर की आधारशिला भी रखेंगे. इसके अलावा वो मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन करेंगे. 

लोगों को जाम से मिलेगी राहत

प्रवेश वर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया जिसमें उन्होंने कहा ‘बारापुला तीसरे चरण का कॉरिडोर शुरू होने से मयूर विहार फेज-एक से एम्स तक सिग्नल-रहित यातायात सुविधा मिलेगी. इससे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम होगा और लोगों को यातायात जाम से राहत मिलेगी’.

बरापुला फेज-तीन कॉरिडोर परियोजना

चारों परियोजनाओं में सबसे बड़ी बरापुला फेज-तीन कॉरिडोर परियोजना का मकसद मयूर विहार फेज-एक और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को सिग्नल-रहित मार्ग से जोड़ते हुए पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराना है. यह फ्लाईओवर सराय काले खां में मौजूदा बरापुला फ्लाईओवर से जुड़ जाएगा जिससे करीब 9 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरा हो जाएगा.

आसान होगा सफर

इस नए मार्ग के खुलने से नोएडा, गाजियाबाद और मयूर विहार के लोगों के लिए दक्षिण दिल्ली पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा. अब तक जहां मयूर विहार से एम्स पहुंचने में ट्रैफिक की वजह करीब 60 मिनट यानी एक घंटा तक का समय लग जाता था, वहीं ये सफर अब घटकर महज 15 से 20 मिनट रह जाएगा.

9 साल का लंबा इंतजार

बारापूला फेज-3 कॉरिडोर को साल 2014 में मंजूरी मिली थी और इसका निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था. पहले इसे 2017 तक पूरा हो जाना था लेकिन तमाम अड़चनों की वजह से इसे पूरा होने में 9 साल का लंबा समय लगा. इसकी लागत करीब 1,635 करोड़ रुपए बताई जा रही है. लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे इस नए कॉरिडोर के जुड़ने से सराय काले खान के पास यह मौजूदा बारापूला फ्लाईओवर से मिल जाएगा जिससे करीब 9 किलोमीटर का एक सीधा और सिग्नल-फ्री रास्ता तैयार हो जाएगा.