ईरानी ड्रोन या अमेरिकी मिसाइल? कुवैत एयरपोर्ट हमले का CCTV फुटेज आया सामने

कुवैत ने 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले का CCTV वीडियो जारी किया है. यह वीडियो टर्मिनल-1 (T1) का है, जहां हमले के वक्त बड़ा धमाका हुआ था. कुवैत के सिविल एविएशन डिपार्टमेंट का कहना है कि यह हमला एक ईरानी ड्रोन ने किया था. दूसरी तरफ ईरान ने एयरपोर्ट को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार किया है. 

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि उसने कुवैत के यात्री टर्मिनल पर कोई हमला नहीं किया. IRGC के प्रवक्ता ने दावा किया कि एयरपोर्ट को हुआ नुकसान अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की गलती से हुआ हो सकता है. उनका कहना है कि अमेरिकी सेना ने ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए पैट्रियट मिसाइल दागी थी, लेकिन वह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंची और एयरपोर्ट के टर्मिनल पर गिर गई. 

कुवैत ने इसे क्रूर ईरानी हमला बताया

कुवैत के अधिकारियों ने इस घटना को क्रूर ईरानी ड्रोन हमला बताया है. उनके मुताबिक हमले में लोगों की जान गई, कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए और एयरपोर्ट की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा. कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बताया था कि एक प्रोजेक्टाइल टर्मिनल-1 और कुछ अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर गिरा था. इनमें कुछ राजनयिक मिशन यानी दूतावास से जुड़े परिसर भी शामिल थे. मंत्रालय के अनुसार इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई थी.

बाद में कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की कि मरने वाला व्यक्ति भारतीय नागरिक था. मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में 63 लोग घायल हुए हैं. घायलों में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है.

सीजफायर के बीच ईरान-US में तनातनी

यह घटना उस समय हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था. IRGC ने दावा किया कि उसने अमेरिका द्वारा ईरान के केश्म द्वीप पर किए गए हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. इनमें बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय का भी जिक्र किया गया. हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरान के इन दावों को खारिज किया है.

अमेरिका का कहना है कि कुवैत की ओर दागी गई ईरानी मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंच ही नहीं सकीं. कुछ मिसाइलें रास्ते में ही टूट गईं या लक्ष्य से पहले गिर गईं. अब CCTV वीडियो सामने आने के बाद कुवैत का दावा और मजबूत हो गया है, जबकि ईरान अब भी इस नुकसान के लिए अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल को जिम्मेदार ठहरा रहा है.