गाजियाबाद गैंगरेप-हत्या केस: 7 साल की मासूम के हत्यारे निकले परिचित, शहाबुद्दीन समेत 2 आरोपी गिरफ्तार

 दिल्ली से सटे गाजियाबाद कमिश्नरेट के नंदग्राम थाना क्षेत्र में एक 7 साल की मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस घिनौने खूनी खेल को अंजाम देने वाले आरोपी मृतका के परिवार के ही परिचित (जान-पहचान के) थे. इसी नजदीकी का फायदा उठाकर उन्होंने बच्ची को अगवा किया था. पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन समेत दो लोगों को उनके कमरों से दबोच लिया है. 

पुलिस गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन और उसके साथी ने पूछताछ में जो कबूलनामा किया है, वह बेहद हैरान करने वाला है. आरोपी मृतका के परिवार को अच्छी तरह जानते थे, इसलिए जब उन्होंने बच्ची को अकेले खेलते देखा तो बच्ची ने उन पर शक नहीं किया. आरोपी उसे बहला-फुसलाकर आसानी से अपने साथ ले गए. 

घटना वाले दिन आरोपी एक जगह बैठकर शराब पी रहे थे. शराब के नशे में चूर इन परिचितों के सिर पर खून सवार हो गया. वे मासूम को उठाकर पास ही के एक निर्माणाधीन मॉल के सुनसान बेसमेंट में ले गए. वहां तीनों ने मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया. इसके बाद पोल खुलने और परिवार द्वारा पहचाने जाने के डर से बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी और शव छोड़कर भाग गए. 

CCTV कैमरों ने खोला राज, कमरों में छिपे थे मजदूर आरोपी

इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस के लिए डिजिटल साक्ष्य सबसे बड़े मददगार साबित हुए. वारदात के बाद एक्टिव हुई नंदग्राम पुलिस ने जब आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज जांची, तो उसमें तीन लोग मासूम बच्ची को जबरन निर्माणाधीन मॉल के भीतर ले जाते हुए साफ नजर आए. फुटेज के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन और एक अन्य नाबालिग आरोपी को उनके कमरों से धर दबोचा. पकड़े गए दोनों आरोपी पेशे से मजदूर हैं और इसी इलाके में काम करते थे. पुलिस इनका तीसरा साथी, जो फिलहाल फरार है, उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.

FSL टीम ने जुटाए सबूत; रेप, मर्डर और POCSO में केस दर्ज

इस जघन्य और संवेदनशील मामले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है. घटना की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाकर घटनास्थल से सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं ताकि कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ अचूक सबूत पेश किए जा सकें. पीड़ित परिजनों की तहरीर पर नंदग्राम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप, मर्डर और बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO) एक्ट जैसी बेहद कठोर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है.