मुरादाबाद में ओवैसी का सपा-BJP पर हमला: बोले- अब दूसरों के लिए दरी नहीं बिछाएंगे

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जमकर निशाना साधा. ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज और जनता को एक नया सियासी विकल्प चुनने की अपील की. ओवैसी ने कहा कि अब तक मुसलमानों ने मजबूरी में दूसरी पार्टियों को वोट दिया, लेकिन आने वाले विधानसभा चुनावों में अब मजबूरी नहीं, बल्कि बहादुरी के नाम पर पतंग (AIMIM) के निशान पर वोट पड़ेगा. 

ओवैसी ने मंच से कहा कि हम अब दूसरों के लिए दरी नहीं बिछाएंगे, बल्कि अपने वोटों और दुआओं से अपनी खुद की सियासी लीडरशिप पैदा करेंगे. अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर उनकी मंशा पर सवाल खड़े किए. 

युवाओं के हाथ में देश की कमान

इसके साथ ही उन्होंने देश में युवाओं की भूमिका, संविधान द्वारा दी गई राजनीतिक आज़ादी, सीएए (CAA) प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा, और विरोध प्रदर्शनों पर पेलेट गन के इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दों को बेहद बेबाकी से उठाया है. ओवैसी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि लड़ाई भविष्य की है और 2029 में देश की कमान युवाओं के हाथ में होनी चाहिए है.

अब दरी बिछाने की राजनीति खत्म

ओवैसी ने जनसभा में आई भारी भीड़ का शुक्रिया अदा करते हुए ओवैसी ने कहा कि बारिश के बावजूद लोगों की मौजूदगी इस बात का पैगाम है कि यूपी की अवाम ने फैसला कर लिया है, अब हम दूसरों के लिए दरी नहीं बिछाएंगे, बल्कि अपने वोट से अपनी लीडरशिप पैदा करेंगे.

जौहर यूनिवर्सिटी मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरा

अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने सवाल किया कि 2017 तक मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 1973 के कानून के तहत जौहर यूनिवर्सिटी को रेगुलराइज़ क्यों नहीं किया? उन्होंने इसे सपा की ‘मुनाफकत’ और चुनाव के समय वोट हासिल करने का झूठ करार दिया है.

एकता की ताकत से डरेगी सरकार

जनता से सड़कों पर न उतरकर जान-माल की हिफाजत करने की अपील करते हुए ओवैसी ने कहा कि जब जनता और किसान एकजुट होकर खड़े होते हैं तो सरकार को झुकना पड़ता है. उन्होंने कहा कि इलेक्शन के दिन पूरी ताकत से निकलकर ‘पतंग’ का बटन दबाएं है.

बिहार और सीमांचल की जनता का शुक्रिया

बिहार चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने सांसदों को ओवैसी के खिलाफ प्रचार में लगाया था, लेकिन सीमांचल की अवाम ने उनके पैगाम को ठुकरा कर अपनी खुद की मजलिस लीडरशिप को कामयाब बनाया है.

जिंदा रहने और अपने हक के लिए लड़ने का संकल्प

ओवैसी ने जज्बाती अंदाज में कहा कि हम सिर्फ मरने के बाद जनाजों पर पुरसा लेने के लिए नहीं हैं, हम अपने हक, आने वाली नस्लों, इबादतगाहों, मदरसों और बेटियों की तालीम के लिए जिंदा रहेंगे और नाइंसाफी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे.

2029 में युवाओं के हाथ में हो देश की बागडोर

देश की 65% युवा आबादी का जिक्र करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि AIMIM आने वाले यूपी चुनाव में युवाओं को उम्मीदवार बनाएगी. उन्होंने कहा कि 2029 में कोई 80 साल का व्यक्ति नहीं, बल्कि 35-45 साल का नौजवान देश का नेतृत्व करे.

पैलेट गन के इस्तेमाल की कड़े शब्दों में निंदा

जबलपुर के छात्र शेख इरशाद मंसूरी समेत अन्य लोगों पर 12 बोर पेलेट गन चलाए जाने की सख्त निंदा करते हुए ओवैसी ने कहा कि नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर गोलियां चलाई गईं थी. ओवेसी ने कहा पैलेट गन का आदेश देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए.

कश्मीर और जामिया मिलिया में हुए जुल्म का जिक्र

ओवैसी ने 2016-2019 के दौरान कश्मीर में पैलेट गन से 140 लोगों के अंधे होने और जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में सीएए (CAA) विरोध के दौरान छात्रों व बेटियों पर हुए पुलिसिया ज़ुल्म को याद दिलाते हुए इसकी कड़ी निंदा की है.

मुस्लिम समाज के पास अब मजबूत विकल्प

तथाकथित सेक्युलर पार्टियों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो समझते थे कि मुस्लिम समाज के पास कोई रास्ता नहीं है, वे समझ लें कि अब AIMIM के रूप में एक निडर और मजबूत सियासी विकल्प मौजूद है जो फिरकापरस्त ताकतों को शिकस्त देगा है.

सियासी पहचान बनाने का हक

विरोधियों के ‘जज़्बाती भाषण’ वाले आरोपों का जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान की तमहीद और डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स हर अल्पसंख्यक को अपनी सियासी लीडरशिप बनाने का पूरा हक देते हैं.