अष्टमी में करे कन्याओं की ऐसे पूजा

images (18)शारदीय नवरात्र की दुर्गा अष्टमी बुधवार को है, इस दिन कई जगह इस दिन नवरात्र का पारण करके कन्या पूजन किया जाता है, वहीं कई जगह इस दिन व्रत रखते हैं, और फिर नवमी को कन्या पूजन करते हैं, कन्या पूजन करते समय हमें कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए |

सभी कन्‍याओं और बालक की पूजा करने के बाद उन्‍हें हल्‍वा, पूरी और चने का भोग दिया जाता है, इसके बाद उन्‍हें भेंट और उपहार देकर विदा किया जाता है, कन्‍या पूजन का शुभ मुहूर्त : सुबह 6 बजकर 28 मिनट से 9 बजकर 20 मिनटतक, सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक, यज्ञादि और अग्यारी करने के बाद आप कन्या भोजन कराएं, कहते हैं कि नौ कन्याओं को जिनमें 2 साल से लेकर 10 साल की कन्याओं को बैठाया जाता है।

इसके लिए पहले सभी कन्याओं के पैर धोकर उन्हें तिलक लगाना चाहिए, इसके बाद उनके हाथ में मौली बाधें, अब सभी कन्‍याओं और बालक को घी का दीपक दिखाकर उनकी आरती करे, चैत्र नवरात्रि के नवमी को ही भगवान राम का जन्म हुआ था, इस दिन कन्याओं का पूजन किया जाता है, कहते हैं कि नौ कन्याओं को जिनमें 2 साल से लेकर 10 साल की कन्याओं को बैठाया जाता है, नवमी में कन्या पूजन 25 मार्च को सुबह 8 बजकर 15 मिनट के बाद ही किया जाएगा, कन्याओं की विधिवत पूजा करनी चाहिए, और फिर उन्हें क्षिणा दे कर और उनके पैर छू कर विदा करना चाहिए।




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