SCO सम्मेलन के लिए चीन पहुंचे PM मोदी, 45 दिन बाद फिर जिनपिंग के साथ करेंगे वार्ता

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पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को चीन के शहर किंगडाओ में होने वाले दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। भारत, चीन और रूस व उनके नजदीकी सहयोगी देशों पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान व उज्बेकिस्तान के शीर्ष नेता आज यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए एकत्र होंगे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने को लेकर रोमांचित हैं |

 

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में आतंकवाद से निपटने के तरीके और क्षेत्रीय व्यापार व निवेश को बढ़ावा देने पर भारतीय भूमिका का खाका खीचेंगे। साथ ही दुनिया के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों से जूझने में भारतीय दृष्टिकोण भी स्पष्ट करेंगे। चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावाले ने कहा है कि वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बनी सहमति शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के किंगडाओ सम्मेलन में नजर आएगी. बता दें कि पीएम मोदी 27 अप्रैल को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक अनौपचारिक बैठक में हिस्सा लेने वुहान पहुंचे थे |

 

दोनों देशों के बीच एक साल पहले दो महीने चले सैन्य गतिरोध के बाद 2018 में भारत और चीन के रिश्ते में सुधार होता हुआ दिखाई दे रहा है। चीन इंस्टिट्यूट ऑफ कंटेपरेरी इंटरनैशनल रिलेशंस के दक्षिण व दक्षिणपूर्व एशियाई एवं ओशियनियन संस्थान के निदेशक हु शीशेंग ने आईएएनएस को बताया, ‘यह एक महत्वपूर्ण मुलाकात है लेकिन स्वरूप में अधिक प्रतीकात्मक है। इसकी तुलना वुहान से नहीं की जा सकती। किंगडाओ में होने वाली मुलाकात औपचारिक होगी।

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मोदी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि एक पूर्ण सदस्य के तौर पर परिषद की हमारी पहली बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने को लेकर रोमांचित हूं. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि नौ और 10 जून को एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मैं चीन के चिंगदाओ में रहूंगा. एक पूर्ण सदस्य के तौर पर भारत के लिए यह पहला एससीओ शिखर सम्मेलन होगा. एससीओ देशों के नेताओं के साथ बातचीत होगी और उनके साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे |

 

मोदी एससीओ समिट के सभी सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। चीनी राष्ट्रपति और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से वह अलग से मिलेंगे। वुहान में हुई पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति की मुलाकात से ऐसी उम्मीद की जा रही है कि भारत-चीन के रिश्तों की गर्माहट इस समिट में भी बरकरार रहेगी। मोदी सेंट्रल एशियन स्टेट्स के सभी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि वह पाकिस्तानी नेता खाकन अब्बासी से मिलेंगे या नहीं।

 

बीजिंग। चीन में भारतीय राजदूत गौतम बंबावले ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में बनी सहमति का प्रभाव शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के क्विंगडो शिखर सम्मेलन में दिखाई देगा। वुहान में मोदी-जिनपिंग के बीच दो क्षेत्रों में सहमति बनी थी। पहली भारत और चीन प्रगति और विकास में सहयोगी हैं। दूसरा कि भारत और चीन के बीच बहुत सारी समानताएं हैं। बहुत सारे क्षेत्र हैं, जहां हम अपने मतभेदों से दूर आपस में सहयोग कर सकते हैं।

 

चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय सहयोग विभाग के प्रमुख लियाओ जिनरांग ने कहा, भारत और पाकिस्तान, दोनों के पास अपराध से मुकाबला करने और सुरक्षा मजबूत करने का बड़ा अनुभव है। उनका प्रवेश एससीओ सदस्यों के बीच सुरक्षा के लिहाज से विकास की संभावना को बढ़ाएगी और आपसी सहयोग का विस्तार करेगी।