असंक्रमित बीमारियों का इलाज डॉक्टर अब क्लिनिक पर ही करेंगे

शुगर, हृदयाघात, पक्षाघात और रक्त दबाव से जूझ रहे रोगियों के लिए अच्छी खबर है। उनको ओपीडी में धक्के खाने की जरूरत नहीं है। उनका इलाज अब क्लीनिक में किया जाएगा।

एनयूएचएम (राष्ट्रीय अर्बन हेल्थ मिशन) भारत सरकार के निर्देश पर ऐसे मरीजों की देखरेख और इलाज के लिए जिला मुख्यालय समेत सभी सीएचसी में एनसीडी नाम से एक अलग क्लीनिक की स्थापना की गई है।

अभी तक ऐसे रोगियों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।शुगर और हृदयाघात जैसी अन्य असंक्रमित बीमारी की चपेट में आने वाली मरीज बड़ी तादाद में जिला अस्पताल में आते हैं।

इनको डॉक्टर के पास पहुंचने मेें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहां तक पहुंचने से पहले रास्ते में मरीजों की हालत गंभीर हो जाती है। यह स्थिति बाद में डॉक्टरों के लिए और भी क्रिटिकल बन जाती है।

ऐसे मरीजों को तत्काल चिकित्सीय सुविधा मिल सके और समय रहते हुए उनका इलाज करा जान बचाई जा सके। इसके लिये जिला और सीएचसी स्तर के अस्पतालों में एक क्लीनिक अलग से खोला गया है।

इसका नाम असंक्रमित रोगी क्लीनिक एनसीडी रखा गया है।बता दें कि यह पहला मौका है जब एनसीडी के मरीजों की चिंता स्वास्थ्य मंत्रालय ने जताई है। जिला अस्पताल में अभी तक ऐसे मरीजों के उपचार के लिये अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।

उनको भी अन्य मरीजों की तरह ओपीडी की लाइन में धक्के खाने पड़ते हैं। इस बारे में कार्डियोलाजिस्ट और एनसीडी के नोडल डॉ.पीएस मिश्रा ने बताया कि पक्षाघात,

शुगर और हृदयाघात जैसी अन्य असंक्रमित बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक खोला गया है। ओपीडी में आने वाले इस तरह के मरीजों को प्राथमिकता दी जायेगी। जिसकी जरूरत होगी उसको क्लीनिक में भर्ती कर इलाज किया जायेगा।




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